1. दो समान धनावेशित बिन्दु आवेशों, जिसमें प्रत्येक पर 1 μC आवेश है, को 1 मीटर की दूरी पर वायु में रखा जाता है। इस निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा होगी:
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: U = (k · q1 · q2) / r = (9 × 109 × 10-6 × 10-6) / 1 = 9 × 10-3 J.
2. किसी आवेशित चालक के बाहरी सतह पर विद्युत क्षेत्र होता है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: चालक की सतह समविभव होती है, इसलिए विद्युत क्षेत्र हमेशा सतह के लंबवत् (90°) होता है।
3. यदि किसी चालक को बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखा जाए, तो चालक के अंदर का क्षेत्र क्या होगा?
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: मुक्त इलेक्ट्रॉनों के पुनर्वितरण के कारण अंदर का प्रेरित क्षेत्र बाहरी क्षेत्र को निरस्त कर देता है।
4. विपरीत चिह्न के दो बिन्दु आवेशों के लिए निम्नलिखित में कौन-सा कथन सही है?
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: विपरीत आवेशों में आकर्षण होता है, जिससे स्थितिज ऊर्जा का मान ऋणात्मक आता है।
5. गॉस का नियम कहता है कि किसी बंद सतह से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: गॉस के नियमनुसार, कुल फ्लक्स φ = q / ε0 होता है, जो आवेश के सीधे समानुपाती है।
6. निम्नलिखित में किसकी मात्रक वोल्ट-मीटर है?
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: विद्युत फ्लक्स φ = E · A = (Volt/meter) × meter2 = Volt·meter.
7. दो आवेशों के बीच की दूरी आधी कर दी जाती है तथा एक आवेश को भी आधा कर दिया जाता है। दोनों के बीच लगने वाला बल, पहले की अपेक्षा हो जाएगा:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: F' = (k · (q/2) · q) / (r/2)2 = (1/2) / (1/4) F = 2F (बल दोगुना हो जाएगा)।
8. वायु में दो धनावेशों के बीच परावैद्युत पदार्थ रख देने पर इनके बीच प्रतिकर्षण बल का मान:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: माध्यम का परावैद्युतांक (K) आने से बल का मान घटकर F' = F / K हो जाता है।
9. 0.2 μC के दो बराबर तथा विपरीत आवेशों के बीच की दूरी 3.0 सेमी है। इनका वैद्युत द्विध्रुव आघूर्ण होगा:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: p = q · 2l = (0.2 × 10-6 C) × (3.0 × 10-2 m) = 0.6 × 10-8 C·m.
10. आवेश का रेखीय घनत्व का मात्रक होता है:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: रेखीय आवेश घनत्व λ = आवेश (Q) / लंबाई (L) होता है, जिसका मात्रक C/m है।
11. वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता का विमीय सूत्र होता है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: E = F/q = [MLT-2] / [AT] = [MLT-3A-1]।
12. धातु के आवेशित गोले के पृष्ठ से गोले के केंद्र की ओर जाने पर वैद्युत क्षेत्र:
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: किसी भी खोखले या ठोस आवेशित चालक गोले के भीतर विद्युत क्षेत्र हमेशा शून्य होता है।
13. 5 कूलॉम के दो बराबर तथा विपरीत आवेश परस्पर 5.0 सेमी दूरी पर रखे गये हैं। इस निकाय का वैद्युत द्विध्रुव आघूर्ण है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: p = q · 2l = 5 C × (5.0 × 10-2 m) = 25 × 10-2 C·m.
14. 8 कूलॉम ऋण आवेश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या है:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: n = Q / e = 8 / (1.6 × 10-19) = 5 × 1019.
15. वायु में स्थित स्थिर इकाई धन आवेश से निकलने वाले सम्पूर्ण विद्युत फ्लक्स का मान होता है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: गॉस के नियम से φ = 1 / ε0 = (ε0)-1.
16. आवेश का परिमाणीकरण दर्शाता है कि:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: प्रकृति में आवेश हमेशा इलेक्ट्रॉन के आवेश का पूर्ण गुणज होता है, दशमलव या भिन्न में नहीं।
17. विद्युत क्षेत्र रेखाओं से जानकारी प्राप्त होती है:
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: बल रेखाएं क्षेत्र की तीव्रता (घनत्व से), दिशा (स्पर्श रेखा से) और आवेश की प्रकृति तीनों बताती हैं।
18. प्रति इकाई आवेश पर लगने वाले बल को कहते हैं:
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: प्रति इकाई परीक्षण आवेश पर लगने वाला स्थिरवैद्युत बल ही विद्युत क्षेत्र (E = F/q) है।
19. दो विद्युत आवेशों के बीच लगने वाले बल को नियंत्रित करने वाले नियम कहा जाता है:
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले बल की गणना कूलॉम के नियम से की जाती है।
20. दो आवेशों के बीच विद्युतीय बल एवं गुरुत्वीय बलों के अनुपात निम्न में से किस रूप (क्रम) में होता है?
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के लिए स्थिरवैद्युत बल, गुरुत्वाकर्षण बल से लगभग 1039 गुना शक्तिशाली होता है।
21. बिन्दु आवेश के कारण r दूरी पर विद्युत विभव का मान होता है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: बिंदु आवेश के कारण विभव का सूत्र V = kq / r होता है, जो दूरी r के व्युत्क्रमानुपाती (V ∝ 1/r) है।
22. हवा में εr का मान होता है:
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: वायु या निर्वात के लिए आपेक्षिक परावैद्युतांक (εr) का मान हमेशा 1 माना जाता है।
23. विद्युत-क्षेत्र में एक आवेशित कण पर लगने वाले बल का मान होता है:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: विद्युत क्षेत्र की परिभाषा के अनुसार, आवेशित कण पर लगने वाला बल F = qE होता है।
24. विद्युत फ्लक्स का S.I. मात्रक है:
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: φ = E · A = (V/m) × m2 = Volt·meter.
25. संबंध Q = ne में निम्नलिखित में कौन n का मान संभव नहीं है?
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: आवेश के क्वांटीकरण के अनुसार n हमेशा एक पूर्ण संख्या होनी चाहिए, दशमलव नहीं।
26. आवेश का पृष्ठ-घनत्व बराबर होता है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: पृष्ठीय आवेश घनत्व की परिभाषा के अनुसार σ = कुल आवेश / कुल क्षेत्रफल होता है।
27. किसी माध्यम की आपेक्षिक परावैद्युतांक (εr) होती है:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: आपेक्षिक परावैद्युतांक, माध्यम की वैद्युतशीलता और निर्वात की वैद्युतशीलता का अनुपात (εr = ε/ε0) होता है।
28. पानी का परावैद्युत स्थिरांक होता है:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: शुद्ध जल का परावैद्युत स्थिरांक कमरे के तापमान पर लगभग 80 होता है।
29. 1 / 4πε0 का मान होता है:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: यह स्थिरवैद्युत नियतांक का प्रामाणिक मान है, जो कि 9 × 109 N·m2/C2 है।
30. निम्नलिखित में कौन संबंध सही है?
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: प्रति इकाई आवेश पर लगने वाले बल को विद्युत क्षेत्र कहते हैं, इसलिए E⃗ = F⃗ / q.
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31. आवेश का विमा होता है:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: आवेश = धारा × समय, इसलिए इसकी विमा [AT] होती है।
32. ε0 का मात्रक है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: इसे फैराडे प्रति मीटर (Fm-1) के रूप में भी व्यक्त किया जाता है।
33. किसी दूरी पर अवस्थित दो आवेशित कण के बीच विद्युत बल F है। यदि उनके बीच की दूरी आधी कर दी जाए तो विद्युत बल का मान होगा:
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती (F ∝ 1/r2) होता है। दूरी आधी करने पर बल 4 गुना बढ़ जाएगा।
34. किसी बिन्दु पर विद्युत-क्षेत्र की तीव्रता होती है:
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: परिभाषा के अनुसार प्रति इकाई आवेश पर बल ही तीव्रता है, अतः E = F/q.
35. जब किसी वस्तु को आवेशित किया जाता है, तो उसका द्रव्यमान:
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: ऋण आवेशित करने पर द्रव्यमान थोड़ा बढ़ता है (इलेक्ट्रॉन आने से) और धन आवेशित करने पर घटता है।
36. विद्युत् शीलता का S.I. मात्रक होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: कूलॉम के नियम से हल करने पर मात्रक N-1m-2C2 प्राप्त होता है।
37. आवेश का पृष्ठ-घनत्व होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: σ = आवेश (Q) / क्षेत्रफल (A).
38. विद्युत क्षेत्र E⃗ से लम्बवत् रखे विद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण p⃗ है। इस स्थिति में द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा शून्य मान लेने पर E⃗ और p⃗ के बीच θ कोण की स्थिति में द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा होती है :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा का सूत्र U = -p⃗ · E⃗ होता है।
39. कुलम्ब बल है :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: यह केंद्रों को मिलाने वाली रेखा पर लगता है (केंद्रीय) और आवेशों के बीच लगता है (विद्युत बल)।
40. यदि समरूप विद्युत क्षेत्र X-अक्ष की दिशा में विद्यमान है, तो सम-विभव होगा :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: समविभव पृष्ठ विद्युत क्षेत्र की दिशा के लंबवत् होता है। X-अक्ष के लंबवत् तल YZ-तल है।
41. विद्युत आवेश का क्वांटक e.s.u. मात्रक में होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: एक इलेक्ट्रॉन का मूल आवेश ≈ 4.78 × 10-10 esu होता है।
42. स्थिर विद्युत क्षेत्र होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: स्थिरविद्युत बल रेखाएं बंद लूप नहीं बनातीं और कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता, अतः यह संरक्षी है।
43. एक एकांकी चालक के लिए निम्न में से कौन अनुपात अचर होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: Q/V = C (धारिता), जो कि किसी चालक के लिए हमेशा नियत (अचर) रहती है।
44. 1 कूलॉम आवेश = ......... e.s.u. :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: 1 Coulomb = 3 × 109 esu.
45. एक विद्युतीय द्विध्रुव दो विपरीत आवेशों से बना है जिनके परिणाम +3.2 × 10-19 C एवं -3.2 × 10-19 C हैं और उनके बीच की दूरी 2.4 × 10-10 m है। विद्युतीय द्विध्रुव का आघूर्ण है :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: p = q × d = (3.2 × 10-19) × (2.4 × 10-10) = 7.68 × 10-29 C·m.
46. एक आवेशित चालक की सतह के किसी बिन्दु पर विद्युतीय क्षेत्र की तीव्रता :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: चालक का पृष्ठ समविभव होता है, इसलिए विद्युत क्षेत्र हमेशा सतह के लम्बवत् होता है।
47. विद्युत-क्षेत्र E और विभव V के बीच सम्बन्ध होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: विद्युत क्षेत्र, विभव की ऋणात्मक प्रवणता के बराबर होता है।
48. यदि किसी खोखले गोलीय चालक को धन आवेशित किया जाए, तो उसके भीतर का विभव :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है, जिससे विभव नियत (समरूप) और धनात्मक रहता है।
49. साबुन के एक बुलबुले को जब आवेशित किया जाता है, तो उसकी त्रिज्या :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: परस्पर प्रतिकर्षण बल के कारण बुलबुला फैलता है, जिससे उसकी त्रिज्या बढ़ती है।
50. विद्युत द्वि-ध्रुव आघूर्ण का S.I. मात्रक होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: सूत्र p = q × 2l के अनुसार इसका मात्रक कूलॉम-मीटर होता है।
51. विद्युत क्षेत्र में प्रवेश करने वाले एक इलेक्ट्रॉन का प्रारम्भिक वेग विद्युत क्षेत्र से भिन्न दिशा में है। विद्युत क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन का पथ होगा :
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: किसी कोण पर प्रवेश करने के कारण इलेक्ट्रॉन का पथ परवलयाकार (परिवलय) हो जाता है।
52. ε0 की विमाएँ हैं :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: कूलॉम नियम से बीमा निकालने पर [M-1L-3T4A2] प्राप्त होता है।
53. दो सजातीय व बराबर आवेश Q को मिलाने वाली रेखा के बीच में एक अन्य आवेश q रखने पर निकाय संतुलित हो जाता है। q का मान है:
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: संतुलन की शर्त kQ2/r2 + kQq/(r/2)2 = 0 से, q = -Q/4 आता है।
54. एक स्थिर आवेश उत्पन्न करता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: स्थिर आवेश केवल अपने चारों ओर विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है।
55. निम्नलिखित में किसका अस्तित्व संभव नहीं है?
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: 2.4 × 10-19 C मूल आवेश (1.6 × 10-19 C) का पूर्ण गुणज नहीं है, अतः यह संभव नहीं है।
56. मुक्त आकाश (Free space) की परावैद्युतता (ε0) होती है :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: यह निर्वात की विद्युतशीलता का प्रामाणिक मान है: 8.85 × 10-12 Fm-1.
57. यदि दो आवेशों के बीच दूरी दुगुनी कर दी जाए, तो उनके बीच लगने वाला बल हो जाता है :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: F ∝ 1/r2 के अनुसार दूरी दोगुनी करने पर बल एक-चौथाई (1/4) हो जाएगा।
58. p⃗ आघूर्ण वाला एक विद्युतीय द्विध्रुव क्षेत्र E⃗ के साथ 90° का कोण बनाता है, तब इस पर लगा बल आघूर्ण :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: τ = pE sin 90° = pE (अधिकतम बल आघूर्ण)।
59. E⃗ तीव्रता के विद्युत क्षेत्र में p⃗ द्विध्रुव आघूर्ण वाले विद्युत द्विध्रुव पर लगने वाला बल आघूर्ण है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: सदिश रूप में बल आघूर्ण τ⃗ = p⃗ × E⃗ होता है।
60. किसी विद्युत् द्विध्रुव के अक्ष से r दूरी पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता होती है:
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: द्विध्रुव की अक्ष पर विद्युत क्षेत्र दूरी के घन के व्युत्क्रमानुपाती (E ∝ 1/r3) होता है।
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61. किसी आवेशित खोखले गोलाकार चालक के भीतर विद्युतीय तीव्रता का मान होता है :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: खोखले गोले के भीतर नेट बंद आवेश शून्य होने के कारण विद्युत तीव्रता हमेशा शून्य (Zero) होती है।
62. किसी अचालक पदार्थ के गोले को आवेश देने पर वह वितरित होता है :
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: अचालक में आवेश प्रवाहित नहीं हो सकता, इसलिए वह स्वतः वितरित नहीं होता बल्कि जहाँ दिया जाए वहीं स्थिर रहता है।
63. किसी परावैद्युत का परावैद्युतांक यदि εr हो और उसमें दो बिंदु आवेशों के बीच क्रियाशील बल F हो तो परावैद्युत को हटा देने पर उन दोनों आवेशों के बीच क्रियाशील बल का मान होगा :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: माध्यम हटाने पर बल εr गुना बढ़कर Fair = εr F हो जाएगा।
64. r दूरी से अलग दो आवेशों के बीच बल F लगता है। यदि आवेशों का मान दुगुना कर दिया जाए और उनके बीच की दूरी आधी कर दी जाए तो उनके बीच लगने वाला बल :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: F' = (k(2q1)(2q2)) / (r/2)2 = 16F.
65. किसी दी गई दूरी पर स्थित दो इलेक्ट्रॉनों के बीच क्रियाशील गुरुत्वाकर्षण बल एवं विद्युतीय बल का अनुपात होगा :
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: गुरुत्वाकर्षण बल और विद्युत बल का अनुपात (Fg/Fe) इलेक्ट्रॉनों के लिए 10-42 के क्रम का होता है।
66. किसी गाउसीय पृष्ठ में (-q), (+2q) तथा (-q) आवेश है। पृष्ठ में से परिणामी विद्युतीय फ्लक्स होगा :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: कुल आंतरिक नेट आवेश Σq = -q + 2q - q = 0 है, अतः फ्लक्स शून्य होगा।
67. एक वैद्युत द्विध्रुव एक पृष्ठ से घिरा हुआ है। पृष्ठ पर कुल विद्युतीय फ्लक्स होगा :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: द्विध्रुव का नेट आवेश शून्य होता है, इसलिए गॉस के नियम से नेट फ्लक्स शून्य होगा।
68. कूलॉम नियम का सदिश रूप होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: दिशा दर्शाने के लिए नीचे दूरी का घन (r3) और ऊपर स्थिति सदिश (r⃗) का उपयोग किया जाता है।
69. एक आवेशित चालक का क्षेत्र आवेश घनत्व σ है। इसके पास विद्युत क्षेत्र का मान होता है :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: आवेशित चालक की सतह के पास विद्युत क्षेत्र की तीव्रता हमेशा E = σ / ε0 होती है।
70. यदि गोले पर आवेश 10 μC हो, तो उसकी सतह पर विद्युतीय फ्लक्स है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: φ = q/ε0 = 4πkq = 4π × (9 × 109) × (10 × 10-6) = 36π × 104 Nm2/C.
71. E=0 वाले क्षेत्र में विभव V का दूरी के साथ विवरण होगा :
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: चूँकि E = -dV/dr = 0, इसलिए विभव V नियत रहता है और दूरी पर निर्भर नहीं करता।
72. किसी गोलीय पृष्ठ के अन्दर यदि +q आवेश रख दिया जाए, तो संपूर्ण पृष्ठ से निकलने वाला विद्युत फ्लक्स कितना होगा ?
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: गॉस के नियमानुसार, कुल विद्युत फ्लक्स आवेश का 1/ε0 गुना होता है।
73. निम्नलिखित में किस राशि का मात्रक volt/metre होता है ?
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: विभव प्रवणता के अनुसार विद्युत क्षेत्र तीव्रता का मात्रक वोल्ट/मीटर होता है।
74. किसी भूयोजित (grounded) चालक को विद्युतरोधी आवेशित चालक के निकट ले जाने पर बाद वाले चालक की विद्युतधारिता का मान :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: विभव घटने के कारण सूत्र C = Q/V से धारिता का मान बढ़ जाता है।
75. यदि किसी सुचालक की सतह के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर आवेश σ हो, तो सतह के किसी बिन्दु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता होगी :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: सुचालक पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र σ/ε0 और हमेशा सतह के लम्बवत् दिशा में होता है।
76. R1 व R2 त्रिज्याओं के दो चालक गोलों के पृष्ठों पर आवेशों के पृष्ठ घनत्व बराबर हैं। पृष्ठों पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रताओं का अनुपात है :
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: E = σ/ε0, चूँकि σ समान है, इसलिए तीव्रताओं का अनुपात भी 1:1 होगा।
77. इनमें से कौन विद्युत-क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक है ?
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: E = F/q के अनुसार मात्रक न्यूटन प्रति कूलॉम (NC-1) होता है।
78. यदि किसी स्थान पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E⃗ हो, तो उस स्थान पर A⃗ क्षेत्रफल से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स φ निम्न सम्बन्ध से ज्ञात होता है :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: विद्युत फ्लक्स, विद्युत क्षेत्र और क्षेत्रफल सदिश का अदिश गुणनफल (φ = E⃗ · A⃗) होता है।
79. गोलीय संधारित्र की धारिता 1 μF है। यदि गोले के बीच की रिक्तियाँ 1 मिमी. है तो बाहरी गोले की त्रिज्या होगी :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: C = (4πε0 R1 R2) / (R2 - R1) सूत्र का प्रयोग कर हल करने पर बाहरी त्रिज्या लगभग 6 मीटर आती है।
80. एक बन्द पृष्ठ के अन्दर एक विद्युत द्विध्रुव स्थित है। बन्द पृष्ठ से निर्गत कुल विद्युत फ्लक्स होगा :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: द्विध्रुव का नेट आवेश शून्य होने के कारण उससे संबद्ध कुल फ्लक्स शून्य होता है।
81. किसी चालक की विद्युत धारिता का व्यंजक है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: धारिता की परिभाषा के अनुसार C = Q/V होता है।
82. अनन्त लम्बाई के आवेशित बेलनाकार चालक की अक्ष से r दूरी पर विद्युत क्षेत्र होगा :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: रेखीय आवेश वितरण के कारण बेलनाकार चालक से r दूरी पर तीव्रता E = λ / (2πε0 r) होती है।
83. किसी घिरे हुए बंद पृष्ठ पर विद्युतीय फ्लक्स भीतर स्थित आवेश का होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: गॉस के नियम से कुल फ्लक्स आवेश का 1/ε0 गुणा होता है।
84. एक खोखले गोले की त्रिज्या r मीटर तथा उस पर आवेश q कूलॉम है। इसके केन्द्र पर विद्युत विभव होगा :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: खोखले गोले के भीतर प्रत्येक बिंदु (केन्द्र सहित) पर विभव सतह के विभव q / (4πε0 r) के बराबर होता है।
85. किसी विद्युतीय क्षेत्र में चालक को रखने पर उसके अन्दर विद्युतीय क्षेत्र का मान :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: चालक के अंदर प्रेरित विपरीत क्षेत्र बाहरी क्षेत्र को पूरी तरह निरस्त कर देता है, जिससे अंदर क्षेत्र शून्य होता है।
86. किसी वस्तु का परावैद्युत स्थिरांक हमेशा अधिक होता है :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: निर्वात का परावैद्युतांक 1 होता है और अन्य सभी पदार्थों का परावैद्युतांक हमेशा 1 से अधिक होता है।
87. वायु के लिए परावैद्युत सामर्थ्य (Dielectric strength) होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: वायु की विद्युत सहनशीलता सीमा 3 × 106 V/m होती है।
88. गॉस के नियमानुसार :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: यह गॉस के नियम का मूल गणितीय रूप है: φE = q / ε0.
89. जब संधारित्रों में K परावैद्युत स्थिरांक का माध्यम है, तो हवा की अपेक्षा उसकी धारिता :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: परावैद्युत माध्यम भरने पर संधारित्र की धारिता K गुना बढ़कर C = K · C0 हो जाती है।
90. आविष्ट खोखले गोलीय चालक के अन्दर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता होती है :
Answer - (D)
स्पष्टीकरण: स्थिरवैद्युतिकी संतुलन में खोखले चालक के भीतर विद्युत क्षेत्र सदैव शून्य होता है।
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91. किसी संधारित्र की धारिता का मात्रक होता है :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: धारिता का S.I. मात्रक फैराड (Farad) है।
92. विद्युत धारिता की विमा है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: C = Q/V से विमा ज्ञात करने पर [M-1L-2T4A2] प्राप्त होता है।
93. आवेशित खोखले गोलाकार चालक के केन्द्र पर :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: केन्द्र पर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है, लेकिन विभव सतह के विभव के बराबर (अशून्य) होता है।
94. 50 μF धारिता वाला एक संधारित्र 10V विभव तक आविष्ट किया जाता है। इसकी ऊर्जा है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: U = 1/2 CV2 = 1/2 × (50 × 10-6) × 102 = 2.5 × 10-3 J.
95. निर्वात पर परावैद्युतांक होता है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: निर्वात की वैद्युतशीलता (ε0) का मान 8.85 × 10-12 F/m है।
96. द्रव की एक बूँद को आवेशित करने पर उसके सिकुड़ने की प्रवृत्ति :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: सतह के आवेशों के बीच लगने वाले बाहरी प्रतिकर्षण बल के कारण सिकुड़ने की प्रवृत्ति घटती है।
97. यदि कई संधारित्र उपलब्ध हों, तो उनके समूहन से उच्चतम धारिता प्राप्त करने के लिए उन्हें जोड़ना चाहिए :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: समांतर क्रम में कुल धारिता सभी धारिताओं के सीधे योग के बराबर होती है, जो कि अधिकतम होती है।
98. किसी संधारित्र पर आवेश की स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक है :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: संधारित्र की संचित ऊर्जा का सूत्र U = 1/2 CV2 होता है।
99. आवेश वितरण से :
Answer - (A)
स्पष्टीकरण: आवेशों के पुनर्वितरण के दौरान तारों में प्रतिरोध के कारण हमेशा ऊष्मा के रूप में ऊर्जा की हानि (ह्रास) होती है।
100. जब समांतर पट्टिका वायु संधारित्र की पट्टिकाओं के बीच की दूरी बढ़ती जाती है तब इसकी धारिता :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: धारिता दूरी के व्युत्क्रमानुपाती (C ∝ 1/d) होती है, अतः दूरी बढ़ाने पर धारिता घटती है।
101. संधारित्रों के समांतर संयोजन में जो राशि प्रत्येक संधारित्र के समान रहती है, वह है :
Answer - (C)
स्पष्टीकरण: समांतर क्रम में जुड़े सभी संधारित्रों के प्लेटों के बीच विभवांतर सदैव समान (एकसमान) रहता है।
102. समान धारिता के n संधारित्रों को पहले समानांतर क्रम और फिर श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है। दोनों अवस्थाओं की तुल्य धारिताओं का अनुपात है :
Answer - (B)
स्पष्टीकरण: Cp = nC और Cs = C/n होता है, इसलिए इनका अनुपात Cp/Cs = (nC) / (C/n) = n2 होगा।

Thanks